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सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया-लखनऊ ने वेबिनार के माध्यम से चुनौती चैलेंज 3.0 के लिए यूपी के स्टार्टअप से आवेदन करने की अपील की।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया-लखनऊ ने वेबिनार के माध्यम से चुनौती चैलेंज 3.0 के लिए यूपी के स्टार्टअप से आवेदन करने की अपील की:
. नेक्स्ट जनरेशन इन्कुबेशन स्कीम–(एनजीआईएस) के जरिये उत्तर प्रदेश के टेक्नोलॉजी स्टार्ट अप्स के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया द्वारा चुनौती चैलेंज के तीसरे चरण की शुरुवात
• चुनौती चैलेंज कांटेस्ट के जरिये होगा स्टार्ट अप्स का चयन, 25 लाख रूपये तक की होगी फंडिंग, पूरे देश के 12 शहरों में प्रदेश के लखनऊ व प्रयागराज भी योजना में शामिल

एसटीपीआई-लखनऊ ने नेक्स्ट जनरेशन इनक्यूबेशन स्कीम (एनजीआईएस) के अंतर्गत चुनौती 3.0 के लिए तीसरे राउंड के चैलेंज प्रोग्राम आऊटरीच वेबिनार का आयोजन किया तथा प्रदेश के स्टार्टअप्स को इस स्कीम के बारे में जागरूक किया। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा तैयार नेक्स्ट जनरेशन इनक्यूबेशन स्कीम (एनजीआईएस) का कार्यान्वयन एसटीपीआई द्वारा किया जा रहा है, जिससे की देश को विकास, नवाचार और कुशल सॉफ्टवेयर उत्पादों के विकास, उत्पादन और आपूर्ति में एक वैश्विक मानक बनाया जा सके, जैसा कि सॉफ्टवेयर उत्पादों पर राष्ट्रीय नीति-(NPSP) – 2019 में लागू किया गया है। एनजीआईएस योजना लखनऊ व प्रयागराज को मिलाकर देश के कुल 12 स्थानों पर शुरू किया गया है।

चुनौती 3.0 के माध्यम से एसटीपीआई डिजिटल परिवर्तन और सुलभ उत्पादों / समाधानों की दिशा में काम करने वाले होनहार स्टार्ट-अप की पहचान और समर्थन करना चाहता है।
चुनौती 3.0 निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है:
• फिनटेक – फाइनैंशल इन्क्लूसन, सीमलेस & कॉस्ट-इफेक्टिव फाइनेंसियल ट्रांसक्शन्स
• हेल्थ & वेलनेस, एजुकेशन & स्किल एनहैंसमेंट, ई-कॉमर्स
• इंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर – एस ए ए एस, एन्वॉयरन्मेंट, टूरिज़म एंड हॉस्पिटैलिटी
• ई-गवर्नेंस सोल्युशन्स
• कृषि, साइबर सिक्योरिटी, असिस्टिव टेक्नोलॉजी सोलूशन्स फॉर पर्सन्स विथ डिसैबिलिटीज
चयनित स्टार्टअप्स को रु. 25 लाख तक की सीड फंडिंग की प्रदान की जाएगी और प्री-इनक्यूबेशन प्रोग्राम में चुने गए स्टार्टअप को रु. 10,000 प्रति माह का भुगतान भी किया जाएगा। वेबिनार में लगभग 200 स्टार्टअप/आईटी कंपनियों ने भाग लिया गया, तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़े छात्रों की भी उपस्तिथि रही।

इस अवसर पर श्री सुबोध सचान, निदेशक, एसटीपीआई मुख्यालय ने उद्धृत किया कि “सरकार ने डिजिटल समावेशन में बहुत कुछ किया है। बजट 2022 सभी क्षेत्रों में तकनीक में प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित करता है। आरबीआई का कहना है, 2017-21 के दौरान, डिजिटल समावेशन 43% था, जो डिजिटल समावेशन के विस्तार की आवश्यकता को दर्शाता है। एनजीआईएस कार्यक्रम टियर 2 तथा टियर 3 शहरों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रित रहा है। चुनौती 1 और 2 में, हमें 8,392 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें हमने 171 स्टार्टअप को चुना। चुनौती 3 में हम 100 और स्टार्टअप्स की उम्मीद कर रहे हैं। एसटीपीआई के अंतर्गत, हमने टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम में क्रांति लाने पर विशेष जोर दिया है। हमारे द्वारा 3 साल पहले शुरू की गई स्टार्टअप पहल का समर्थन करने के लिए हम सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आभारी है।

एसटीपीआई-लखनऊ के प्रभारी अधिकारी श्री सूर्य कुमार पट्टनायक ने लखनऊ व प्रयागराज की विभिन्न विशेषताओं और क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला और स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स से नेक्स्ट जेन चैलेंज में बड़े पैमाने पर भाग लेने और एनजीआईएस के सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।

प्रो. डी एस यादव, प्रमुख-सीएसई विभाग, आईईटी-लखनऊ ने एस टी पी आई को बधाई दी एवं 3.0 का हिस्सा बनने में प्रसन्नता व्यक्त की। और उन्होने छात्रों को अवधारणा बनाने और विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया ।

प्रो. अनुपम अग्रवाल, आईटी विभाग, IIIT प्रयागराज ने बताया कि IIIT प्रयागराज में स्टार्टअप और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर पहले से ही उपलब्ध है। उन्होंने डिजिटल एक्सेसिबिलिटी कि उपयोगिता को बताते हुए कहा कि डिजिटल एक्सेसिबिलिटी फिजिकल एक्सेसिबिलिटी का विकल्प है।

श्री संदीप सक्सेना, उपाध्यक्ष एसोचैम, लखनऊ चैप्टर ने बताया कि “भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने की अपार संभावनाएं हैं। हम स्टार्टअप्स को पोषित करने में उनका साथ दे रहे हैं। #CHUNAUTI3.0 छात्रों, युवा उद्यमियों के बीच उद्यमिता का माहौल तैयार करेगा।”

श्री अभिषेक तिवारी, सहायक निदेशक, केपीएमजी, पीआईयू , सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, ने कहा कि “भारत बुनियादी ढांचे के माध्यम से हर मील पर जुड़ रहा है। हम स्टार्टअप को भारत सरकार द्वारा दिए जा रहे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का व्यावसायिक रूप से उपयोग करने के लिए आमंत्रित करते हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार और चिकित्सा सुविधाएं पैदा होंगी।”

डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी, संयुक्त निदेशक एसटीपीआई लखनऊ ने योजना एवं स्टार्टअप चैलेंज के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया एवं कहा कि एनजीआईएस टियर -2 शहरों में 300 स्टार्टअप का पोषण करने का लक्ष्य बना रहा है और वांछित समर्थन पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करके योजना से 50 पेटेंट की उम्मीद कर रहा है|उन्होंने कहा कि एनजीआईएस एक फ्यूचरिस्टिक इन्क्यूबेशन स्कीम है, जो एक कॉमन प्लेटफार्म के तहत विभिन्न एसटीपीआई इनक्यूबेशन सुविधाओं के माध्यम से पूरे भारत वर्ष में 300 स्टार्ट अप के लिए नेटवर्किंग, मेंटरशिप, इंटर्नशिप के द्वारा होनहार स्टार्टअप्स को सक्षम बनाने में कारगर सिद्ध होगी|

कार्यक्रम का संचालन एसटीपीआई प्रयागराज के अपर निदेशक श्री निखिल राय ने किया एवं कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में, स्टार्टअप्स वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने के लिए अभिनव उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप को चुनौती चैलेंज 3.0 में प्रतिभाग करने के लिए अपील की और बताया कि अंतिम तारीख़ 10 मार्च, 2022 तक इच्छुक आवेदक अपना आवेदन कर सकते हैं|
आवेदन के लिए वेबसाइट: https://innovate.stpinext.in/about-us/CHUNAUTI-3.0

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