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एसटीपीआई का स्थापना दिवस : देश के विख्यात इंडस्ट्री लीडर्स एवं अधिकारियों के साथ वेबिनार के माध्यम से हुआ आयोजन

*एसटीपीआई का स्थापना दिवस : देश के विख्यात इंडस्ट्री लीडर्स एवं अधिकारियों के साथ वेबिनार के माध्यम से हुआ आयोजन *

– सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया (एसटीपीआई) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है जिसका 29वां स्थपाना दिवस 05 जून को मनाया गया

– यह कार्यक्रम भारतीय विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग एप एयरमीट पर हुआ, जिसमे देश के आई टी विभाग से संबधित अधिकारी, उद्योगी, उद्योग संगठन एवं शिक्षाविद सरकार की नीतियों, उद्यमिता तथा नयी तकनिकी व नवोन्मेष विषय पर अपने विचार रखें |

इस कार्यक्रम में एयर मीट विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग माध्यम से तथा अन्य लाइव प्लेटफार्म फेसबुक, यू ट्यूब आदि के माध्यम से देश भर से लगभग 2500 लोगो नें प्रतिभाग किया

एसटीपीआई की यात्रा भारत में आईटी उद्योग के विकास का पर्याय है। भारत में आईटी उद्योग की उत्पत्ति की शुरुआत करने वाली पहली ऐतिहासिक घटना 1989 में भुवनेश्वर, बेंगलुरु और पुणे में तीन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्कों की स्थापना थी। नतीजतन, 5 जून 1991 को इन तीन एसटीपी को एक एकल संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ़ इंडिया बनाने के लिए विलय कर दिया गया।

आज, US $ 191 बिलियन का आईटी उद्योग, जिसमें लगभग 18,000 से अधिक फर्म शामिल हैं, जो सीधे 4.36 मिलियन मजबूत कार्यबल का उपयोग करते हैं, जो कि GDP का 8.0% योगदान देता है, सॉफ्टवेयर निर्यात के लिए वैश्विक आउटसोर्सिंग गंतव्य में भारतीय आईटी उद्योग को बदलने में एसटीपीआई के दृढ़ प्रदर्शन का प्रमाण है। एसटीपी-पंजीकृत इकाइयों द्वारा किया गया निर्यात 2019-20 के दौरान INR 4,21,103 करोड़ है।

पिछले 3 दशकों में, वैश्विक प्लेटफार्मों में आईटी उद्योग को बढ़ावा देने और सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने में एसटीपीआई के निर्धारित प्रयास अनिवार्य रूप से देश की आर्थिक प्रगति के लिए एसटीपीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, और टीम एसटीपीआई आने वाले समय में कई बार “न्यू इंडिया” की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अडिग रहेगी।

नीति प्रवर्तक के रूप में, एसटीपीआई भविष्य में तकनीकी प्रगति के लिए भविष्य की योजनाएं ला रहा है। भारत को एक उत्पाद राष्ट्र में बदलने के लिए एक दृष्टिकोण रखते हुए, एसटीपीआई हाल ही में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित “सॉफ्टवेयर उत्पादों पर राष्ट्रीय नीति” के तहत कई पहलों को सक्रिय कर रहा है। भारतीय आईटी उद्योग को उद्योग 4.0 की चुनौतियों का सामना करने और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व का निर्माण करने में सक्षम बनाने के लिए जैसे IoT, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी, फिनटेक, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, गेमिंग एंड एनिमेशन, मशीन लर्निंग, डेटा जैसे, डेटा विज्ञान और विश्लेषिकी, साइबर सुरक्षा, चिप डिजाइनिंग, ईएसडीएम आदि एसटीपीआई भारत भर में सहयोगात्मक तरीके से 21+ डोमेन-सेंट्रिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करने जा रहा है। ये CoE आने वाले समय में एक अखिल भारतीय जीवंत तकनीकी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाएंगे।

उत्तर प्रदेश में 4 शहरों में एसटीपीआई कार्यरत हैं जिनमे से नॉएडा , लखनऊ, कानपुर एवं प्रयागराज हैं तथा प्रदेश भर में 4 आईटी पार्क मेरठ, आगरा, गोरखपुर एवं वाराणसी में उत्तर प्रदेश सरकार के आई टी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहयोग से एसटीपीआई द्वारा स्थापित किये जा रहे हैं |

उत्तर प्रदेश की एसटीपीआई पंजीकृत 258 आई टी कंपनियों द्वारा वर्ष 2019-20 में रूपये 22725.65 करोड़ का निर्यात किया गया है|

इन एसटीपीआई केन्द्रों के माध्यम से इन्क्यूबेशन सेवाएं आईटी/आईटीइएस कंपनियों को प्रदान की जा रही हैं|

भारत सरकार की इंडिया बीपीओ प्रमोशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 विभिन्न स्थानों पर 15 कंपनियों ने बीपीओ केंद्र की स्थापना की है जिससे की इन शहरों के स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा रहा है|

लखनऊ में चिकित्सा एवं हेल्थ इन्फार्मेटिक्स क्षेत्र में एसजीपीजीआई एवं आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ मिलकर एसटीपीआई एक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना भी करने जा रहा है जिससे कि इस क्षेत्र के नवोंमेषियों/स्टार्टअप को वैश्विक स्तर की सुविधा प्रदान की जाएगी|
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि एसटीपीआई आईटी क्षेत्र की सफलता का एक अभिन्न अंग है जिसके निरंतर सेवाओं के चलते आज भारत विश्व में आईटी सेवाओं के क्षेत्र में अपना स्थान बना पाया है, अब एसटीपीआई के सहयोग से कई योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है जिससे की हम सॉफ्टवेयर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट डेस्टिनेशन के तौर पर भी जाने जायेंगे | नास्काम की अध्यक्ष देबजानी घोष नें भी एसटीपीआई को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए आगे भी आईटी क्षेत्र के विकास के लिए नीति निर्माण, सुविधाओं पर अपने विचार रखे|

ओडिशा स्किल डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन एवं माइंडट्री लिमिटेड के सह संस्थापक सुब्रतो बागची ने एसटीपीआई के 30 वर्ष पहले के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि एसटीपीआई कभी भी अपने उद्देश्य से नहीं हटा एवं आईटी क्षेत्र की सफलता का श्रेय कभी नहीं लिया और हमेशा से लगातार कुछ नया करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देता रहा है|

एसटीपीआई के स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न वेबिनार सेशंस आयोजित किये गए जिसमे प्रमुख रूप से उभरती हुई प्रौद्योगिकियां और नवप्रवर्तन: भारतीय आईटी उद्योग के मूल सिद्धांतों को फिर से संगठित करने के विषय पर, नीति: नवाचार और उत्पाद विकास में सरकार की भूमिका तथा उद्यमिता और कौशल विकास विषय पर विभिन्न एक्सपर्ट ने अपने विचार रखे|

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