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अपात्रता की श्रेणी में आने के बावजूद शिक्षा अधिकारियों पर बना रही है राजनैतिक दबाव

राज्य अध्यापक पुरुस्कार पाने के लिए महिला शिक्षिका का हाई वोल्टेज ड्रामा

अपात्रता की श्रेणी में आने के बावजूद शिक्षा अधिकारियों पर बना रही है राजनैतिक दबाव

पूर्व में छात्रों की शिक्षा प्रदान करने में लापरवाही के आरोप में हो चुकी है महिला शिक्षक नेता निलम्बित।

सुलतानपुर  दिनाँक 14/08/2023

राज्य अध्यापक पुरुस्कार जो कि एक शिक्षक की गरिमा बढाने और दूसरे शिक्षकों को भी प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा हर जनपद से एक पात्र शिक्षक का चयन किया जाता है इसी क्रम में सुल्तानपुर जनपद से भी मानव संपदा पोर्टल पर 19 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था जिसमे खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच में सारी योग्यता पूर्ण होने पर उनमें से तीन योग्य शिक्षकों का चयन समिति द्वारा नाम चयन कर शासन को प्रस्तावित नाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भेजे गए थे। जिनको शासन द्वारा 18 अगस्त को इंटरव्यू हेतु गठित कमेटी से एस सी ई आर टी कार्यालय लखनऊ में बुलाया गया है । जब ये बात एक कथित संघ की महिला शिक्षिका नेता पल्लवी तिवारी को पुरस्कार सूची में अपना नाम न दिखा तो वो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी पर राजनीतिक दबाव नाम भेजने के लिए बनवाने लगी जब अपने कर्तव्यों के प्रति अनुशासनशील जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी पर इसका असर न हुआ तो महिला शिक्षक नेता ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दे दी है । गौर करने वाली बात ये है कि यही महिला शिक्षिका पल्लवी तिवारी जो अपने आपको राज्य अध्यापक पुरुस्कार पाने के लिए सोशल मीडिया पर योग्य बताकर हाइवोल्टेज ड्रामा फैलाई है, ये पूर्व में अपने प्राथमिक विद्यालय में अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने में अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही में निलंबित की जा चुकी है। जिसकी रिपोर्ट खण्ड शिक्षा अधिकारी दूबेपुर ने बी एस ए को भी सौपी थी ।

पुरुस्कार का लालच ऐसा सिर कथित शिक्षक नेता पर चढ़ा है कि वो यही भूल गई कि वो पूर्व में विभाग द्वारा बच्चो को शिक्षा देने में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड भी हो चुकी है । राज्य पुरस्कार हेतु योग्य शिक्षकों के चयन पर आरोप लगा कर शिक्षा अधिकारियों पर भूख हड़ताल का दबाव बना कर राज्य पुरस्कार प्राप्त करना क्या एक शिक्षक की मर्यादा को सही दर्शाता है । अगर महिला शिक्षक नेता के हाई वोल्टेज ड्रामे से चयनित योग्य शिक्षकों पर कोई भी असर पड़ता है तो फिर भूख हड़ताल का दबाव बनाकर पुरस्कार लेने की रणनीति को जनपद में तथा कई और जनपदों में राज्य पुरस्कार आवेदक शिक्षक भूख हड़ताल के लिए ही आगे आते रहेंगे फिर योग्य शिक्षकों का चयन कैसे संभव होगा ये तो शासन ही जाने।

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