लखनऊ, 16 दिसंबर 2025
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने अपना 39वाँ स्थापना दिवस 16 दिसंबर 2025 को प्रशासनिक भवन स्थित सेल्बी हॉल में अत्यंत गरिमामय एवं अकादमिक वातावरण में मनाया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद (पद्मश्री सम्मानित, 2025) रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय प्रो-वाइस चांसलर प्रो. अपजित कौर एवं डीन एकेडमिक्स प्रो. वीरेंद्र आतम की उपस्थिति रही।
समारोह का प्रमुख आकर्षण लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड रहा, जो चिकित्सा माइक्रोबायोलॉजी, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं संस्थान निर्माण के क्षेत्र में दशकों तक उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ माइक्रोबायोलॉजिस्टों को प्रदान किया गया।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित विभूतियाँ:
प्रो. एस. के. अग्रवाल, एमबीबीएस, एमडी
पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति, केजीएमयू —
माइक्रोबायोलॉजी शिक्षा एवं नैदानिक सेवाओं को सुदृढ़ करने में उनके दूरदर्शी नेतृत्व हेतु।
प्रो. मस्तान सिंह, एमबीबीएस, एमडी
पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पूर्व डीन एकेडमिक्स, केजीएमयू —
अनुशासित नेतृत्व एवं अकादमिक मार्गदर्शन के लिए।
प्रो. अमिता जैन, एमबीबीएस, एमडी, पीएचडी, एफएएमएस, एफआरसीपैथ
पूर्व विभागाध्यक्ष, केजीएमयू; वर्तमान कार्यकारी निदेशक, एम्स रायबरेली —
विषाणु विज्ञान, क्षय रोग निदान एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य में राष्ट्रीय योगदान हेतु।
डॉ. संजय सिंघल, एमबीबीएस, एमडी (माइक्रोबायोलॉजी)
केजीएमयू के प्रथम एमडी माइक्रोबायोलॉजी बैच के पूर्व छात्र;
पूर्व विभागाध्यक्ष, ईएसआईसी पीजीआईएमएसआर, नई दिल्ली —
संक्रमण नियंत्रण एवं चिकित्सा शिक्षा में विशिष्ट योगदान हेतु।
कार्यक्रम का अकादमिक आकर्षण रहा फाउंडेशन डे ओरशन, जिसे डॉ. कामिनी वालिया, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रोग्राम ऑफिसर (AMR), आईसीएमआर, नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपने व्याख्यान “भारत में एंटीमाइक्रोबियल स्टूवर्डशिप को सुदृढ़ करना: अनुभव, चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशा” में उन्होंने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से निपटने हेतु मजबूत निदान प्रणाली, निगरानी एवं साक्ष्य-आधारित नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में प्रो. विमला वेंकटेश, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा स्वागत भाषण एवं विभागीय वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभाग की शिक्षण, नैदानिक, शोध उपलब्धियों एवं राज्य स्तरीय संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में भूमिका को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों प्रो. आर. के. कल्याण, प्रो. प्रशांत गुप्ता, डॉ. शीतल वर्मा, डॉ. पारुल जैन, डॉ. सुरुचि शुक्ला एवं डॉ. श्रुति रडेरा को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। साथ ही रेज़िडेंट्स, छात्रों एवं कर्मचारियों को अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, मानवीय मूल्यों एवं समर्पित सेवाओं के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में माननीय कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग की निरंतर उत्कृष्टता की सराहना करते हुए इसे संक्रामक रोग नियंत्रण एवं एंटीमाइक्रोबायियल रेजिस्टेंस जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में अग्रणी बताया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन डॉ. शीतल वर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

यह स्थापना दिवस समारोह माइक्रोबायोलॉजी विभाग की चिकित्सा शिक्षा, ट्रांसलेशनल रिसर्च एवं राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है, जो केजीएमयू के आदर्श वाक्य
“विज्ञान और करुणा के माध्यम से मानव सेवा”
के अनुरूप है।
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