सुलतानपुर। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय, सुलतानपुर ने जिले के सभी आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सकों के लिए अनिवार्य पंजीकरण का निर्देश जारी किया है। बिना पंजीकरण चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयुर्वेद और यूनानी पद्धति से जुड़े चिकित्सकों को निजी प्रतिष्ठान खोलने या चिकित्सकीय कार्य प्रारंभ करने से पहले क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय, सुलतानपुर में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह निर्देश शासनादेश और उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जारी किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक मार्च 2026 तक विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप पर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से करा लें। निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण न कराने की स्थिति में संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध इंडियन मेडिकल सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1954 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षण या छापेमारी के दौरान बिना पंजीकरण चिकित्सा कार्य करते पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और शासनादेश के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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