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शिक्षक गरिमा सम्मान समारोह में भारतीय संस्कृति, योग एवं वैज्ञानिक चिंतन पर हुआ मंथन

 

 

लखनऊ के साक्षरता निकेतन, कानपुर रोड में सोमवार, 11 मई 2026 को गायत्री परिवार ट्रस्ट आलमबाग के सौजन्य से “शिक्षक गरिमा सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें 70 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं समन्वयकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को सफल बनाने वाले शिक्षकों एवं समन्वयकों को सम्मानित करना तथा शिक्षा, संस्कृति, योग एवं वैज्ञानिक चिंतन जैसे विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।

 

अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा वर्ष 1980 से कक्षा 5 से परास्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों हेतु “भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा” का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिकता एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना तथा उन्हें भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है। उल्लेखनीय है कि विगत दो वर्षों से विद्यार्थियों की सहभागिता के आधार पर लखनऊ जनपद ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं समन्वयकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के सस्वर गायन, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। वरिष्ठ गायत्री परिजन श्री अरुण श्रीवास्तव ने कार्यशाला की परिकल्पना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों की भूमिका को संस्कारित एवं सशक्त समाज निर्माण का आधार बताया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव रंजन सिंह ने “मस्तिष्क एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की बदलती भूमिका” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. बी.सी. यादव ने “गायत्री मंत्र की वैज्ञानिकता” पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ऋषि परंपरा के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को रेखांकित किया। डॉ. पंकज भारती ने दिनचर्या में सकारात्मक परिवर्तन द्वारा स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के उपाय बताए। वहीं बाबा साहब डॉ. बी.आर. अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के योग, नैचुरोपैथी एवं होलिस्टिक हेल्थ विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने “प्राचीन योगिक अभ्यासों का मन एवं मस्तिष्क पर वैज्ञानिक प्रभाव” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे।

 

कार्यक्रम के अंत में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. बी.सी. यादव, गायत्री परिवार ट्रस्ट आलमबाग लखनऊ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी डॉ. एस.एन. सचान एवं समन्वयक श्री अनिल तिवारी द्वारा सभी प्रधानाचार्यों एवं समन्वयकों को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया तथा अपने प्रेरक आशीर्वचनों से सभा को संबोधित किया।

 

कार्यक्रम का संचालन श्री जी.एस. शर्मा ने किया। इस अवसर पर श्री जी.एस. गुप्ता, राहुल मिश्रा, एच.आर. मौर्य, नीरज श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

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