भूमि विवादों का प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
सुलतानपुर।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में खाद्य एवं रसद विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 1,079 उचित दर की दुकानें संचालित हैं और 4,63,652 लाभार्थी योजनाओं से आच्छादित हैं। राशन कार्डों में आधार सीडिंग का कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण होने की जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जनपद में 2,35,288 गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
281 अन्नपूर्णा भवनों का लक्ष्य, 145 अभी भी अवशेष
अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में जनपद को कुल 281 भवनों के निर्माण का लक्ष्य मिला था। इनमें से 41 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि 145 भवनों का निर्माण अभी अवशेष है।
निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से देरी का कारण पूछा। उन्होंने सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों को क्षेत्र में सक्रिय होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देशित किया कि सप्लाई इंस्पेक्टर अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि विवादों की रिपोर्ट तैयार करें और मुख्य विकास अधिकारी के साथ साझा करें। साथ ही योजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भूमि विवादों के निस्तारण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में आ रही भूमि संबंधी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मुख्य विकास अधिकारी के साथ भूमि विवादों की प्रगति और निर्माण में आ रहे अवरोधों की समीक्षा की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
भंडारण क्षमता का बेहतर उपयोग करने के निर्देश
बैठक में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने जनपद में खाद्यान्न खरीद और भंडारण व्यवस्था की जानकारी दी। बताया गया कि जनपद में कुल 37,000 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है और निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। गेहूं के लक्ष्य के सापेक्ष 119 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को उपलब्ध भंडारण क्षमता का बेहतर और व्यवस्थित उपयोग करने, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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